Dasadhamma Sutta
Dasadhamma Sutta
Friends, there are ten Dhammas that should be reflected on again and
again by one who has gone forth. What are these ten?
मित्रों, दस धम्म ऐसे हैं जिनका चिंतन प्रवज्जा ग्रहण किए हुए व्यक्ति को बार-बार
करना चाहिए। ये दस क्या हैं?
मेरा जीवन ही दस
ू रों के उपहारों से कायम है । जो प्रवज्जित है , उसे बार-बार इस पर
विचार करना चाहिए।
मझु े अपनी परु ानी आदतों को छोड़ने का प्रयास करना चाहिए। जो प्रवज्जित है , उसे
बार-बार इस पर विचार करना चाहिए।
क्या मेरे आचरण पर पछतावा मेरे मन में उठता है ? जो प्रवज्जित है , उसे बार-बार
इस पर विचार करना चाहिए।
क्या मेरे आध्यात्मिक साथी मेरे आचरण में दोष निकाल सकते हैं? जो प्रवज्जित है ,
उसे बार-बार इस पर विचार करना चाहिए।
मैं अपने कर्म का स्वामी हूं, मेरे कर्म का उत्तराधिकारी हूं, मेरे कर्म के आधार पर
रहता हूं, मैं जो भी कर्म करूंगा, अच्छे या बरु े के लिए, मैं उसका उत्तराधिकारी बनंग
ू ा,
जो प्रवज्जित है , उसे बार-बार इस पर विचार करना चाहिए।
दिन और रात तेज गति से कट रहे हैं। जो प्रवज्जित है , उसे बार-बार इस पर विचार
करना चाहिए।
मझ
ु े एकांत में आनंद आता है या नहीं? जो प्रवज्जित है , उसे बार-बार इस पर विचार
करना चाहिए।
क्या मैंने किसी गहन सत्य का अनभ ु व किया है , या कोई अंतर्दृष्टि पायी है , ताकि
मत्ृ यु का सामना करते समय मझ ु े अपने आध्यात्मिक साथियों द्वारा पछ ू े जाने पर
शर्मिंदगी महसस ू न करनी पड़े। जो प्रवज्जित है , उसे बार-बार इस पर विचार करना
चाहिए।